Rajput ko kabu mein kaise kare 

Rajput ko kabu mein kaise kare: दोस्तों, अगर आप इतिहास के पन्नों पर गौर करें, तो आप देखेंगे की राजपूतो को काबू करना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन सा है। परंतु आज हम आपको 6 तरीके बताएंगे जिससे आप किसी भी राजपूत से बाते कर सकते है, और उन्हें conversation में dominate कर सकते है।

तो आइए आज का ये लेख शुरू करते हैं और आपको बताते हैं की आप Rajput ko kabu mein kaise karen? तो चलिए शुरू करते हैं – 

राजपूत का इतिहास

राजपूत का इतिहास हमें ले जाता है सातवीं और आठवीं शताब्दी में। 7वीं और 8वीं शताब्दी में लोगों का एक समूह उभरा जो खुद को राजपूत कहते थे जिसका अर्थ था ‘राजाओं के पुत्र’। राजपूत खुद को क्षत्रिय (योद्धा शासक) वर्ग के वंशज या सदस्य के रूप में मानते हैं। 

वे योद्धा थे जो राजस्थान और मध्य भारत के कुछ हिस्सों से आए थे और वे तीन प्रकार के वंशों के थे; सूर्यवंशी, चंद्रवंशी और अग्निवंशी। अग्निवंशी के अधीन प्रतिहार, सोलंकी, परमार और चौहान के कुल थे। इन कुलों ने मारवाड़, उज्जैन, मालवा, कन्नौज, अजमेर और गुजरात में राज्य स्थापित किए।

राजपूत अपने साहस और वफादारी के लिए जाने जाते थे। राजपूत महिलाओं को युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया गया था और अगर उनके पुरुषों की संख्या अधिक थी तो वे युद्ध के मैदान में जाने से नहीं हिचकिचाती थीं। 

हालाँकि, यदि राजा और उसके सभी पुरुष युद्ध में मारे गए, तो राजपूत महिलाओं ने खुद को कैदी के रूप में लेने की अनुमति देने के बजाय आत्महत्या करना पसंद किया। इस अनुष्ठान को ‘जौहर’ के नाम से जाना जाता था।

सबसे प्रमुख राजपूत राजाओं में से एक पृथ्वीराज चौहान थे। वह अपने पिता की मृत्यु के बाद, 13 वर्ष की आयु में राजपाठ संभाल लिए थे। 

राजपूत को काबू में कैसे करें? (Rajput ko kabu kaise karen)

राजपूतों के काबू करने के लिए नीचे हमने कुछ चरण बताए है जिसकी मदद से आप किसी भी राजपूत जो काबू में कर सकते हैं –

  1. राजपूतों की बात सुनिए 

अगर कोई राजपूत बोल रहा है, तो जवाब देने से पहले, अपनी राय बनाने, या उनकी बात को खारिज करने से पहले उन्हें सुने और सोचे की उनके सामने क्या बोलना सही होगा? 

ऐसा भी हो सकता है कि राजपूत जो कह रहा है आप उससे सहमत न हो, और यह बिल्कुल ठीक है। इसलिए सबसे पहले उन्हें सुने और उनकी बात को समझकर अपने उत्तर और अपनी असहमति बताये।

  1. राजपूतों के प्रति सम्मानजनक रहें 

हमे हमारे जीवन में लगभग सभी लोगों का सम्मान करना चाहिए। सम्मान का अर्थ है कि आप उस व्यक्ति को स्वीकार कर रहे हैं यह जानते हुए कि वह कौन है और आप से कितने अलग हैं? भले ही आप किसी व्यक्ति से सहमत न हों परंतु उनका सम्मान अवश्य करें। इसलिए यदि हम राजदूतों का भी सम्मान करेंगे तो हम उन्हें आसानी से काबू में कर पाएंगे। राजपुतों के साथ बिल्कुल सम्मान पूर्वक एवं प्रेमपूर्वक ही व्यवहार करना सही होता है।

  1. क्षमाशील होना 

यदि आपसे कोई ग़लती हुई है और राजपूत आपके ऊपर गुस्सा कर रहे हैं तो आप हमेशा राजपूतों से क्षमा मांगें क्यूंकि क्षमा शील व्यक्ति का हमेशा ही सम्मान होता है और इससे ये भी साबित होता है कि इंसान के मन में रिश्ते के प्रति प्रेम है और क्षमाशील होने से आप राजपूतों का भी दिल जीत पाएंगे और वह आपके काबू में आ पाएंगे। 

  1. सहानुभूतिपूर्ण प्रकट करें 

जब भी आप राजपूतों से बात करें तो उनके सामने सहानुभूति प्रकट करें। सहानुभूति की कमी के कारण कई समस्याएं पैदा होती हैं जिसके कारण हमारी अन्य व्यक्तियों से मुठभेड़ भी हो जाती है, और राजपूतों के साथ मुठभेड़ हमारे लिए खतरनाक साबित हो सकती है। 

इसलिए राजपूतों से झगड़ा मोल ना लेकर उनके साथ सहानुभूति से रहें। उनकी बातो को समझें उनके साथ प्रेम से बर्ताव करें उनकी हां मे हां मिलाए। अगर आपको उनकी बात ग़लत भी लग रही है तो बहुत प्रेमपूर्वक अपने तर्क को उनके सामने रखें, ताकि उन्हें आपकी बात समझ भी आ जाए और अच्छी भी लगे।  

  1. नए राजपूतों से बात करें

नए राजपूतों के साथ बातचीत शुरू करें या किसी सहकर्मी राजपूत या राजपूत पड़ोसी को दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित करें। छोटी-छोटी बातों से उनके साथ बातचीत शुरू करें, उनसे पूछें कि वे कैसे हैं और उनका दैनिक जीवन कैसा है? 

सोशल मीडिया पर अपने से अलग पृष्ठभूमि वाले लोगों का अनुसरण करें विभिन्न जाति, धर्म या राजनीतिक लोगों से बात करें और उनसे बातचीत करते समय अपना फ़ोन और अन्य स्क्रीन दूर रखें, ताकि आप उनके चेहरे के हाव-भाव को पूरी तरह से समझ सकें और नोटिस कर सकें।

  1. छोटे लेकिन शक्तिशाली कदम उठाएं

ऐसा जरूरी नहीं कि आप राजपूतों के सामने सर झुका कर रहे बल्कि आप उनके सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा होना भी सीखे। इसके लिए आप छोटे छोटे कदम उठाना शुरू करें, जैसे सिर ऊंचा करें फिर कंधा पीछे की तरफ करें और शान के साथ खड़े रहे। 

यदि राजपूत आपको आत्मविश्वास के साथ खड़ा देखेगा। तो राजपूतों के अंदर ऐसी भावना आती है कि यह भी उनमें से कोई एक है और वह आपके काबू में आसानी से आ सकते हैं। आत्मविश्वास लाने के लिए आप कई छोटी-छोटी प्रक्रियाएं कर सकते हैं। 

निष्कर्ष (Conclusion) 

आज के इस लेख में हमने आपको बताया कि Rajput ko kabu mein kaise kare उम्मीद करते हैं कि इस लेख की मदद से आप राजपूत को काबू करने के तरीकों के बारे में जान पाए होंगे। यदि आपको यह लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों को भी इस जानकारी से अवश्य अवगत कराएं और आपके मन मे कोई सवाल हो तो हमसे कॉमेंट बॉक्स में अवश्य पूछें। 

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