भारत के सात अजूबे कौन से है? Bharat ke Saat Ajoobe

भारत के सात अजूबे कौन से है?: आज के इस लेख में हम भारत के सात अजूबे (Bharat ke saat ajoobe) के बारे में चर्चा करने वाले हैं। जैसे कि हम सब जानते हैं, यह दुनिया बहुत विशाल है और यहां कई अनगिनत ऐसी चीजें हैं, जो किसी चमत्कार से कम नहीं लगती और कुछ चीजें तो ऐसी है, जो प्राचीन समय में मनुष्य द्वारा बनाई गई है। हालांकि वर्तमान में पूरा विश्व तकनीकी क्षेत्र में काफी आगे बढ़ रहा है लेकिन उसके बावजूद प्राचीन समय में बनाई गई उन इमारतों को या उन चीजों को बना पाना नामुमकिन है।

इसी वजह से प्राचीन समय में बनाई गई इमारतें किसी ऐतिहासिक धरोहर से कम नहीं है या किसी अजूबे से कम नहीं है। जैसा कि आपने दुनिया भर के सात अजूबों के बारे में तो जरूर सुना होगा या पढ़ा होगा लेकिन भारत में रहने के बावजूद क्या आप भारत के सात अजूबे के बारे में जानते हैं। यदि नहीं तो इस लेख को अंत तक ध्यान से पढ़ें क्योंकि हम यहां भारत के सात अजूबे के बारे में बात करने वाले हैं। तो चलिए बिना देर किए इसलिए एक को आरंभ करते हैं और नजर डालते हैं India के seven wonders पर –

भारत के सात अजूबे – Bharat ke Saat Ajoobe

यहां नीचे हम भारत के सात अजूबे (Bharat ke saat ajoobe) के बारे में आपको विस्तार से बता रहे हैं। जैसा कि दुनिया में सात अजूबे मौजूद है, जिसके बारे में हम अक्सर पढ़ते हैं उसी तरह भारत में भी कुल सात अजूबे हैं जो कि न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी काफी लोकप्रिय है।

यह भारत की वह धरोहर है, जिसे प्राचीन समय में बनाया गया था लेकिन उसकी भव्यता और उसके इतिहास के वजह से आज भी वे काफी ज्यादा लोकप्रिय है। हालांकि आज दुनिया चांद तक पहुंच रहा है, लेकिन उसके बावजूद प्राचीन में बनाई गई इन इमारतों को  आज के समय में हू बा हू कोई भी नहीं बना सकता। तो चलिए जानते है Bharat के saat ajoobe क्या है  

ताजमहल (उत्तर प्रदेश) 

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सफेद संगमरमर से बनाया गया एक खूबसूरत इमारत जो ना केवल भारत के सात अजूबे की लिस्ट में शामिल है बल्कि यह दुनिया के सात अजूबे की लिस्ट में भी शामिल होता है। इस खूबसूरत इमारत को मुगल साम्राज्य के बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम यानी पत्नी मुमताज की याद में बनाया था। महल के अंदर शाहजहां की पत्नी मुमताज का मकबरा भी बना हुआ है। ताजमहल भारत का एक राज्य उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित है। इस महल को देखने के लिए न केवल देश भर से बल्कि विदेशों से भी लाखों पर्यटक हर साल पहुंचते हैं। 

आपको बता दें कि आगरा में स्थित ताजमहल को 1632 में बनाना शुरू किया गया था और तकरीबन 15 साल लगे थे इस महल को बनाने में। इस महल को बनाने में जिन सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया गया था, उसे दुनिया भर के देशों से मंगवाया गया था और यहां तक कि इस महल को बनाने के लिए कारीगर भी ईरान और एशिया के कोने कोने से बुलाए गए थे।

ताजमहल ना केवल अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में लोकप्रिय है बल्कि इसे बनाने के पीछे की कहानी को लेकर भी यह काफी ज्यादा लोकप्रिय है। 

ताजमहल को प्यार की निशानी कहा जाता है क्योंकि शाहजहां ने इसे अपनी पत्नी के लिए बनवाया था और जिन लोगों ने इस इमारत को बनाया था उन सभी मजदूरों के हाथ भी कटवा दिए गए थे ताकि दुनिया में ऐसी इमारत कोई भी ना बना सके। ताजमहल के चारों ओर सुंदर बगीचे बनाए गए हैं और ताजमहल के मेन द्वार पर एक छोटा सा पानी का तालाब है जिससे इसकी खूबसूरती और अधिक बढ़ जाती है। ताजमहल के दीवारों पर कई अनगिनत नक्काशी की गई है, जो इनकी खूबसूरती को और अधिक बढ़ा देता है। 

हम्पी मंदिर (कर्नाटक) 

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अपनी वास्तुकला के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हंपी मंदिर उतरी कर्नाटका के विजयनगर शहर में स्थित है। यह मंदिर विजय नगर के एक खंडहर के अंदर बना हुआ है, जहां आपको अस्तबल, कई अनगिनत विशाल मूर्तियां, महल और मंदिर देखने को मिलते हैं। कर्नाटक में स्थित इस हंपी मंदिर में आपको भारत में स्थित लगभग हर वास्तुकला के अंश देखने को मिलते हैं। 

पुरान और हिंदू कथाओं के अनुसार ऐसा कहा जाता है, कि भगवान श्री राम और उनके भाई लक्ष्मण ने इस मंदिर का दौरा उस दौरान किया था जब वे माता सीता की तलाश में जुटे हुए थे। इतना ही नहीं इतिहास के अनुसार यह लगभग 1500 ई० में दम्यान विजयनगर की राजधानी हुआ करती थी। और इतिहास के अनुसार इस मंदिर को साल 1986 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में शामिल किया गया था।  

फिलहाल यह मंदिर हर समय पर्यटकों से घिरा रहता है,  जी हाँ यहां भक्तों और पर्यटक का अक्सर तांता लगा रहता है। इतना ही नहीं विदेशों से भी हर साल काफी संख्या में लोग यह भव्य और शानदार मंदिर को देखने पहुंचते हैं।

स्वर्ण मंदिर (पंजाब) 

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स्वर्ण मंदिर को आज के समय में कौन नहीं जानता पंजाब के अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर सिख समुदाय का तीर्थ स्थल है,  जिसे भगवान का घर भी कहा जाता है। इस मंदिर की खूबसूरती और शानदार बनावट लोगों का मन मोह लेती है  यह मंदिर बेहद विशाल और आकर्षक है। भारत का यह स्वर्ण मंदिर ना केवल देश में बल्कि विदेशों में भी काफी लोकप्रिय है।

 यहां दुनिया भर के श्रद्धालु इस मंदिर का दर्शन करने पहुंचते हैं,  इस मंदिर के चारों ओर स्थित सरोवर के कारण इस मंदिर की सुंदरता में और चार चाँद लग जाते हैं। इतना ही नहीं चारों ओर से इस मंदिर में प्रवेश द्वार बने हुए हैं।

इतिहास के अनुसार सिख समुदाय के चौथे गुरु रामदास जी ने इस मंदिर की नींव रखी थी। हालांकि कई बार इस मंदिर को नष्ट किया गया लेकिन इस मंदिर से जुड़ी आस्था और भक्ति ने इस मंदिर को दोबारा खड़ा किया। 

कहते हैं इस मंदिर की नक्काशी और बाहरी सुंदरता काफी लाजवाब है। इस मंदिर के दरवाजे चारों दिशाओं में खुलते हैं। वर्तमान में इस मंदिर में आने जाने पर कोई रोक नहीं है यहां हर धर्म के लोगों को जाने की इजाजत है और यहां रोजाना 40, 000 लोग के लंगर का इंतजाम किया जाता है यहां आने जाने वाले हर श्रद्धालुओं खानपान की पूर्ण व्यवस्था की जाती है।

गोमतेश्वर मंदिर (कर्नाटक) 

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कर्नाटक में स्थित एक और भव्य मंदिर सात अजूबे की लिस्ट में शामिल है और वह है गोमतेश्वर मंदिर। यह मंदिर यहां खासतौर पर स्थित एक मूर्ति के वजह से देश भर में प्रसिद्ध है। इस मंदिर को श्रवणबेलगोला के नाम से भी जाना जाता है। यह जैन समुदाय का एक पवित्र तीर्थ स्थल है, जहां जैन समुदाय के सबसे पहले तीर्थ कर ऋषभदेव जी की मूर्ति बनाई हुई है। 

जिसकी ऊंचाई तकरीबन 60 फीट है। इस मूर्ति तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 618 सीढ़ियों को चढ़कर जाना पड़ता है। इस मूर्ति की सबसे अच्छी और  बड़ी खासियत यह है, कि इसे एक बड़े से सफेद पत्थर को  तराश कर बनाया गया है। इतिहास के अनुसार इस मूर्ति को लगभग 883 ईसवी में बनाया गया था। लेकिन सबसे हैरानी की बात यह है, कि उस जमाने में इतना विशालकाय मूर्ति को बनाकर इतनी ऊंचाई पर स्थापित कैसे किया गया होगा। 

यह सवाल बहुत अनोखा है जिसका जवाब शायद ही किसी को सही से पता होगा। हालांकि पत्थर से तराश कर बनाई गई इस अनोखी मूर्ति को देखने दुनिया भर के पर्यटक आते रहते हैं। कर्नाटक में स्थित यह गोमतेश्वर मंदिर विश्व भर में प्रसिद्ध है जहां साल भर में लगभग लाखों श्रद्धालु इस मूर्ति के दर्शन के लिए आते हैं।

खजुराहो मंदिर (मध्यप्रदेश) 

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मध्य प्रदेश के खुजराहो में स्थित खुजराहो मंदिर न केवल भारत देश में बल्कि विश्व भर में अपनी वास्तुकला के लिए काफी ज्यादा लोकप्रिय है। इस मंदिर में आपको कई विशाल और भव्य मूर्तियां देखने को मिलेगी। इस मंदिर का निर्माण लगभग 950 ईसवी से लेकर 1050 ईसवी में हुआ था। इस मंदिर में स्थित मूर्तियां ना केवल हिंदू समुदाय की बल्कि जैन समुदाय की भी है, इस वजह से इस मंदिर में अधिकतर जैन धर्म को मानने वाले और हिंदू धर्म को मानने वाला श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। 

इतिहास के पन्नों में कहा गया है, कि इस मंदिर को चंदेल साम्राज्य के शासनकाल में बनाया गया था। इस मंदिर की इमारत अपने आप में काफी बेमिसाल है, लेकिन मंदिर को जो सबसे खास बनाता है वह है इस मंदिर में स्थित जैन और हिंदू धर्म की शानदार मूर्तियां। इसके अलावा यह मंदिर सांस्कृतिक और वास्तुकला के लिए भी विश्व भर में प्रसिद्ध है और यही वजह है, कि इस मंदिर को दूर-दूर से लोग देखने आते हैं और इसकी बनावट देखकर मंत्रमुग्ध हो जाते हैं। 

नालंदा विश्वविद्यालय (बिहार) 

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भारत का एक छोटा सा राज्य बिहार में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय वर्तमान में खंडहर की शक्ल में बदल चुका है। लेकिन सबसे शानदार ढांचा और इतिहास का सबसे पुराना और लोकप्रिय विश्वविद्यालय होने के कारण भारत के सात अजूबे की लिस्ट में यह शामिल होता है। नालंदा विश्वविद्यालय भारत की राजधानी पटना से तकरीबन 100 किलोमीटर दूर स्थित है। इतिहास के अनुसार यहाँ कभी तकरीबन 2000 शिक्षक और 10,000 छात्र अध्ययन किया करते थे। 

नालंदा विश्वविद्यालय में एक मंदिर भी स्थित है, जो इतिहास का सबसे प्राचीन मंदिर कहलाता है  भारत का ऐतिहासिक धरोहर 580 से 13 ईसवी तक एक विशाल और संपन्न विश्वविद्यालय हुआ करता था। लेकिन आक्रमणकारियों के द्वारा इस विश्वविद्यालय पर कई आक्रमण किए गए, जिस वजह से यह ऐतिहासिक धरोहर नष्ट होकर खंडहर में तब्दील हो गया। 

लेकिन वर्तमान में और आने वाले भविष्य में भी इस ऐतिहासिक धरोहर का नाम इतिहास के पन्नों में हमेशा दर्ज रहेगा। बिहार का नालंदा विश्वविद्यालय भले ही खंडहर में आज तब्दील हो गया है, लेकिन यह आज एक जाना माना तीर्थ स्थल बन चुका है। जहां देश-विदेश से लोग अक्सर घूमने आया करते हैं और इस विद्यालय की खूबसूरती और इसके इतिहास को करीब से जानने और समझने की कोशिश करते हैं।

कोणार्क सूर्य मंदिर (उड़ीसा) 

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उड़ीसा में स्थित कोणार्क सूर्य मंदिर को लगभग 13 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर भारत की सबसे बड़ी और शानदार मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को ब्लैक पगोड़ा के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर खास तौर पर सूर्य देव की अर्चना के लिए बनाया गया था इसलिए इस मंदिर में लगभग 100 फीट ऊंचा सूर्य देव का रथ बनाया गया है, जिसे सात घोड़े आसमान की ओर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह नजारा अपने आप में काफी दिलचस्प है और यही वजह है कि यह नजारा लोगों का मन मोह लेता है।

इतना ही नहीं कोणार्क सूर्य मंदिर हाथियों और सिंह के प्रतिमा की वास्तुकला का एक खूबसूरत और अद्भुत नमूना पेश करता है। हालांकि वर्तमान समय में यह मंदिर अपना महत्व धीरे धीरे खोते जा रहा है,  लेकिन उसके बावजूद यह मंदिर आज भी भारत के सात अजूबे की लिस्ट में शामिल है।

भारत का यह प्राचीन धरोहर देखने में काफी भव्य और सुंदर है, जिस वजह से यहां भी पर्यटक आते रहते हैं खासतौर पर सूर्य देव की अर्चना करने वाले भक्तों का यहां अक्सर ही ताँता लगा रहता है। इस मंदिर के शुरुआत में यानी द्वार पर हाथी और सिंह की प्रतिमा बनाई गई है, जो देखने में काफी सुंदर लगता है। कहते हैं यह हिंदू समाज का सबसे बड़ा मंदिर है।

FAQ

भारत में कुल कितने अजूबे है? 

भारत में कुल 7 (सात) अजूबे ( wonders) है। 

दुनिया में कुल कितने अजूबे है ?

दुनिया भर में भी कुल 7 (सात) अजूबे (wonders) है।

भारत के सात अजूबे में सबसे पहला स्थान किसका है? 

यदि बात करे भारत के सात अजूबों की तो इनमें सबसे पहला स्थान ताजमहल का आता है, जो तर प्रदेश में स्थित है।

निष्कर्ष 

भारत के सात अजूबे नामक यह लेख अब यही पर समाप्त होता है। उम्मीद करते हैं, आज के इस लेख Bharat ke saat ajoobe से आपको बहुत कुछ नया जानने और समझने को मिला होगा।

दोस्तों आज के इस लेख में हमने आप सभी को भारत में मौजूद सात खूबसूरत और बेमिसाल जगहों के बारे मे विस्तार से जानकारी दी है।  तो यदि यह लेख आपको पसंद आया हो पैसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी भारत के सात अजूबे के बारे में विस्तार से जाने का अवसर मिले।

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